नव निर्वाचित भारत सरकार अपने वचन का पालन करें
| स्रोत: BKS-HND तारीख: 10 Jun 2014 17:56:15 |
अ.भा.कार्यकारिणी बैठक, नारी, ऊना, हिमाचल प्रदेश (दिनांक 31 मई-1 जून 2014)
प्रस्ताव: 2
नव निर्वाचित भारत सरकार अपने वचन का पालन करें
पिछले कई वर्षों में देश का किसान, सरकार की गलत नीतियों को झेल रहा था। डीजल, खाद, बीज, पानी, बिजली आदि सभी कृषि आदानों के दाम कई गुना हो चुके थे। इसके बावजूद किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य देने की सरकार के पास कोई योजना नहीं थी। इसी कारण लगभग तीन लाख किसान आत्महत्या करने को बाध्य हुए। घाव पर नमक छिड़कने जैसा सरकार के कृषि उपज की आयात-निर्यात नीति को भी किसान विरोधी बना दिया था। इन सबके बावजूद भी किसानों ने देश का भंडार भरने में कोई कमी नहीं रखी। किसान स्वयं भूखा था, अपने परिवार का भरण-पोषण करने की व्यवस्था करने के लिए भी वह पर्याप्त साधन नहीं जुटा पा रहा था। वह गुस्से में था। भारतीय किसान संघ के सदस्य देश के हर एक प्रदेश और जिलों से लाखों की संख्या में किसानों ने 13 सितम्बर 2013 को दिल्ली के रामलीला मैदान में इकट्ठा होकर अपने गुस्से का इजहार किया। 12 सितम्बर को माननीय राष्ट्रपति जी को अपना मांग पत्र भी दिया। इसी बीच देश का सबसे बड़ा निर्वाचन (संसद का चुनाव) सामने आया। किसान खुलकर, किसानों की पक्षधर सरकार चुनने के लिए आगे आया। कई राजनैतिक दल किसानों की दुखती नस को भांपते हुए किसान हित की बात करने लगे।
आखिर अच्छी सरकार आई। भारी बहुमत से आई। इस माहौल में देश का किसान आशा भरी नजरों से उम्मीद लगाए बैठा है कि किसान को:-
1. उसकी उपज का लागत के आधार पर ‘लाभकारी मूल्य’ मिलेगा।
2. लाभकारी मूल्य पर कृषि उपज की निश्चित खरीद होगी।
3. खेती के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध करवाया जाएगा।
4. किसानों को खेती के लिए ब्याज रहित कर्ज की व्यवस्था होगी।
5. कृषि क्षेत्र में बायोटेक्नालाजी के संबंध में संसद की स्थायी समिति एवं उच्चतम न्यायालय की ‘तकनीकी विशेषज्ञ समिति’ की सिफारिश को लागू किया जाएगा।
6. फसल बीमा योजना किसान हितैषी होगी।
7. मनरेगा को कृषि कार्यों से जोड़ा जाएगा।
भारतीय किसान संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी भारत सरकार से आशा करती है कि आपने जैसा अपने घोषणा-पत्र में तथा विभिन्न जन-सभाओं में किसान हित में बात की थी, उसको अवश्य पूरा करेंगे।