भारतीय किसान संघ राजस्थान प्रदेश प्रेस नोट
| स्रोत: BKS-HND तारीख: 29 Dec 2014 16:22:08 |
-जीरो बजट खेती पर कर रहे मंथन
-बाजार भरोसे कृषि अर्थव्यवस्था अब बर्दास्त से बाहर
-त्रिदिवसीय जैविक खेती राष्ट्रीय प्रशिक्षण वर्ग में देश के कई राज्यो के किसान ले रहे है प्रशिक्षण
27 दिसम्बर, झालावाड। भारतीय किसान संघ द्वारा आयोजित किये जा रहे जैविक खेती प्रषिशण वर्ग के दूसरे दिन देश में बढ रही कृषि लागत पर चिन्ता व्यक्त करते हुए देश के करीब दो दर्जन राज्यों के जैविक कृषि कर रहे किसानो ने आपस में विचार साझा किए। शून्य कृषि लागत पर जैविक खेती करने के लिए प्रसासरत किसानों नें विभिन्न सत्रों में अपने अनुभव आपस में बाटतें हुए कृषि में बढ रही लागत को घटाने के नुक्शे बताए।जिले के असनावर के समीपस्थ मानपुरा ग्राम में शुक्रवार को प्रारम्भ हुए प्रशिक्षण वर्ग में भाग ले रहे किसानो ने बताया कि आज किसान की अर्थ व्यवस्था बाजार भरोसे हो गयी है। यहां तक कि कृषि उत्पाद की कीमतों का निर्धारण तक खरीददार ही करता है। शनिवार को अनुभव कथन के तीन सत्रों में करीब दो दर्जन से भी अधिक किसानो नें अपने अनुभवों के आधार पर बताया की जैविक खेती में इसका समाधान किसान के स्वंय के पास हें।प्रशिक्षण वर्ग में राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, महाराश्ट्र, उत्तरप्रदेश, समेत कर्नाटक,बंगाल, तमिलनाडु, हिमाचलप्रदेश, बिहार, उड़ीसा आदि देश के दो दर्जन से भी अधिक राज्यों से भारतीय किसान संघ से जुड़कर जैविक कृषि कर रहे किसान भाग ले रहे है। इनमे करीब ढेड दशक से जैविक खेती कर रहे किसान भी शामिल है।

प्रशिक्षण वर्ग में प्रोजेक्टर द्वारा भी किसान संघ पदाधिकारियो ने प्रजेंटेशन दिया । जिसमें बंगाल के भानु थापा, राश्ट्रीय सह जैविक प्रमुख रतनलाल डागा, राजस्थान संगठन मंत्री कृष्णमुरारी, डॉ. मुरलीधर छत्तीसगढ,व कृषि वैज्ञानिक डॉ. अरूण के शर्मा शुष्क कृषि अनुसंधान केन्द्र काजरी जोधपुर डॉ. विशाल चन्द्राकर आर्थिक कृषि संयोजक छत्तीसगढ समेत कई ने खेती की लागत शुन्य करने के बारे में जानकारी दी। वर्ग में आये किसान संघ के राष्ट्रीय महामंत्री प्रभाकर राव केलकर व राष्ट्रीय संगठन मंत्री दिनेश कुलकर्णी नें बताया कि ररसायन व कीटनाशक(जहर) मुक्त खेती के लिए भारतीय किसान संघ लम्बें अरसे से लगा हैं। इसके समेत खेती में बढ रही उत्पादन लागत को कम करने के लिए यह प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किया जा रहा है।

किसानो के दो ग्रुप बनाकर खेतो में भ्रमण करवाकर मानपूरा ग्राम में कि जा रही जैविक खेती को प्रायोगिक रूप में बताया। इसमें हुकमचन्द पाटीदार, सुरेश शर्मा व कृषि वैज्ञानिक डा. मधुसूदन आचार्य ने जैविक प्रकिया को किसानो को समझाया। इस दौरान कीट नियंत्रक,जैविक उर्वरक,बीजसंरक्षण आदी के बारे में प्रेक्टिकल कर बताया गया । किसानो ने खेतों पर भ्रमण कर ग्राम में की जा रही जैविक कृषि को भी देखा। इसमें 125 भी अधिक किसान भाग ले रहें हें। इनमें ऐसे किसान शामिल हैं जो दस बारह वर्शो से देश में जैविक खेतीको बढावा देने के लिए प्रयासरत हे।