मनौली में सम्मेलन कर किसानों ने दी केंद्र और राज्य सरकार को चुनौती
| Author: BKS-ENG Date: 21 Sep 2015 16:10:07 |
‘पहले हमारे मसले हल करो जब केजीपी शुरू करना’
राई। केजीपी के शिलान्यास से पहले इसके निर्माण के खिलाफ किसान खड़े हो गए हैं। इस संबंध में मनौली गांव में भूमि अधिग्रहण के विरोध में भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में विशाल किसान सम्मेलन हुआ, जिसमें भाजपा सरकार को चेतावनी दी गई कि पहले किसानों का मामला हल करो, उसके बाद ही केजीपी शुरू करना।
भूमि अधिग्रहण के विरोध में एकजुटता दिखाते हुए किसान नेताओं ने कहा कि सभी सरकारें किसानों के हितों से खिलवाड़ करती है। चुनाव से पहले तो किसानों के हितों को लेकर वायदे किए जाते हैं लेकिन सत्ता में आने के बाद भूल जाती है।
सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ओम सिंह आंतिल ने कहा कि मनौली गांव के किसानों की जमीन का अधिग्रहण केजीपी एक्सप्रेस-वे के लिए किया गया है। किसान बार-बार सरकार से अपनी अधिग्रहीत जमीन के उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार किसानों की मांगों की तरफ ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने सरकार से मांग की कि किसानों को 2014 जमीन अधिग्रहण बिल के अनुसार मुआवजा दिया जाए और जिन किसानों ने मुआवजा नहीं लिया था। उक्त किसानों की जमीन का कब्जा उन्हें दिया जाए।
वहीं कंवल सिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस 20 सितंबर-2015 दिन रविवार को दिल्ली में रैली कर किसान हितैषी होने का दावा कर रही है, लेकिन सत्ता में रहते कभी उनके हितों की नहीं सोची, वहीं भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में आने के बाद वह किसानों के किए गए वादे भूल गई है। इस मौके पर किसान नेता वीरेंद्र बढ़खालसा, जिलाध्यक्ष ताहर सिंह, रामवीर चौहान, डॉ. साईंदास, रमेश दहिया, सुरेंद्र, ग्रहम सिंह सहित क्षेत्र के भारी संख्या में किसान मौजूद थे।